"वक़्त"
ये वक्त है साहब, कोई छोटा बच्चा नहीं, आंखे दिखाओगे तो रुक जाएगा, सहम जाएगा। समंदर की रेत है वक़्त नदी का पानी है, जितनी मुट्ठी भिचोंगे, तेजी से फिसलता जाएगा। वक़्त और घाव का नाता तो जरा देखो वक़्त के साथ भर जाएगा, या नासूर बन जाएगा। ये वक़्त है बड़ा बलवान, जानोगे एक दिन, जब ये राजा को रंक और रंक को राजा बनाएगा। वक़्त की अहमियत भी समझ जाओगे, जब कोई अपना आपके वक्त को तरस जाएगा। इसी वक़्त की कीमत उससे भी पूछना, जो कुछ दिन बाद इस दुनिया को छोड़ जाएगा। वक़्त , देखो इसे यह बीतता ही चल रहा है, तुम्हे क्या लगता है, यह फिर वापस नहीं आएगा। जिसने सोचा वक़्त के विपरीत जाना है, वो बदलाव के तूफान में कहीं पीछे छूट जाएगा। रिश्तों की मजबूती भी वक़्त परखता है, बुरे वक़्त में देखो केवल अपना ही साथ निभाएगा। वक़्त बड़ा खूबसूरत है कहोगे आप ये भी, जब कोई अजीज आपके साथ ये वक़्त बिताएगा। ~~~~~~~~~~~