बदला हुआ मैं
कहने को तो कांटो पर भी चल पड़ें थे कभी,
तेरे इशारों पे यूं चलना नहीं आता मुझको।
तेरी गलतियों को नादानी समझ लेता था,
अब यूं नजरअंदाज करना नही आता मुझको।
बड़ा वक़्त लगा है इन उसूलो को बनाने में,
हालात के साथ इन्हे बदलना नहीं आता मुझको।
वो पत्थर भी नहीं मै कि पिघल भी न सकूं,
यूं मोम बनकर भी पिघलना नहीं आता मुझको।
कीमती सामान भी राहो में खो जाये गर मुझसे,
अफ़सोस में हाथ मलना नहीं आता मुझको ।।
अब मत देखो तुम मुझे झील सी आँखों से,
तैर जाऊंगा, अब डूबना नहीं आता मुझको।
कई रातें भी जागकर बिताई है मैंने इंतजार में,
झूठे सपनों पे नींदे लुटाना नहीं आता मुझको।
नहीं होने वाला आग का कुछ असर मुझ पे,
जलाओ कितना ही जलना नहीं आता मुझको।
कोशिशें बहुत की कि ऐसे जाने ना दूं तुझे,
अब ये झूठे रिश्ते निभाना नहीं आता मुझको।
इक सबक ये भी था जिंदगी का सीखना बाकी,
डरकर यादों में पीछे छूट जाना नहीं आता मुझको।
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